Tuesday, May 14, 2013

लो मै आ गया...

विभिन्न भाव भंगिमाओं में आपका अपना गौरव शर्मा "भारतीय"
प्रदेश के मुख्यमंत्री माननीय डॉ रमन सिंह के साथ आपका अपना गौरव शर्मा "भारतीय"


प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के साथ आपका अपना गौरव शर्मा "भारतीय"

Monday, May 13, 2013

लो मै आ गया...


वन्दे मातरम,
समस्त सम्माननीय आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !! आज लगभग डेढ़ साल बाद मै ब्लॉगजगत में फिर से कदम रखा हूँ... जीवन की आपाधापी में ऐसा मशगुल हुआ कि कुछ ब्लॉग जगत से नाता ही टूट गया। मगर मेरे शुभचिंतकों व आत्मीय जनों के प्यार ने मुझे एक बार फिर ब्लॉग लिखने पर मजबूर कर दिया। अब मै आप सभी को विशवास दिलाता हूँ कि नियमित रूप से अपने संदेशों व विचारों के साथ आप सभी के बीच उपस्थित होता रहूँगा। आशा ही नहीं वरन विश्वास है कि जिस तरह पहले मुझे आप सभी ने स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया, निरंतर प्रदान करते रहेंगे।
- गौरव शर्मा "भारतीय"

काश! पाकिस्तान भी भारत जैसा होता..

(भारत, पाक का मिलन, आपका अपना गौरव शर्मा "भारतीय" पाकिस्तानी नागरिकों के साथ)
गौरव शर्मा 'भारतीय'
काश, मेरा जन्म भारत में हुआ होता तो मुझे इस पवित्र धरती में कदम रखने के लिए 23 साल तक इंतजार न करना पड़ता। यह कहना है पाकिस्तान से भारत आये जत्थे के सदस्य गोपाल अग्रवाल का। गोपाल कहते हैं कि भारत आकर जो ख़ुशी मिली है उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। यही वो धरती है जिसमें सारे धर्मों, जातियों व लोगों को समेटने और भरपूर प्यार करने की क्षमता है। गोपाल पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आये हैं। उनका कहना है कि कई सालों से वे भारत आने और इस धरती को करीब से देखने के इच्छुक थे पर 23 सालों बाद उन्हें यह मौका मिला। भारतीयों से मिले मान-सम्मान व स्वागत से अभिभूत होकर वे कहते हैं, सुना तो था कि भारत में अतिथि को भगवान का दर्जा दिया जाता है यहां आकर यह देख भी लिया। विदित हो कि इन दिनों राजधानी के शदाणी दरबार में अमृतसर के वाघा बार्डर के रास्ते पाकिस्तान से 184 श्रद्धालुओं का जत्था दर्शन करने आया है। इसमें 37 महिलाएं व 8 बच्चे भी हैं। पाकिस्तान के चारों प्रांतों से आए लोग कल ही रायपुर पहुंचे हैं। यहाँ शदाणी दरबार परिसर में ही उनके ठहरने की व्यवस्था की गई है। उनकी सेवा के लिए आसपास के लोग अपने रोजमर्रा के काम को छोड़कर लगे हुए हैं। पाकिस्तानी यात्री छत्तीसगढ़ के धार्मिक स्थानों के साथ ही हरिद्वार, वैष्णव देवी, शिमला, दिल्ली व अमृतसर भी जाएंगे। 8 जून को उनकी पाकिस्तान वापसी होगी। पाकिस्तान के हालात के बारे में पूछने पर पाकिस्तानी श्रद्धालु हिचकते हुए कहते हैं कि 'सब ठीक हैÓ पर उनका दर्द उभर कर सामने आ ही जाता है। उनका कहना है कि वहां की आवाम बहुत ही अच्छी है। लोगों से कोई खतरा नहीं है मगर सियासी लोगों व कट्टरपंथी ताकतों की वजह से आज भी दंगे फसाद और उन्माद की आशंका बनी रहती है। हालांकि वे यह बताना भी नहीं भूलते की उन्हें अपनी धार्मिक रीति रिवाजों के पालन में कोई कठिनाई नहीं है। सिंध के घोटकी जिले से आए रतनलाल वंजारा कहते हैं कि वहां और यहाँ बहुत सी समानताएं हैं। पाकिस्तान की ही तरह भारत की आवाम भी अच्छी है। गौरतलब है कि पाकिस्तान में इन दिनों चुनावी सरगर्मी जोरों पर है। आज ही वहां मतदान है। चुनाव के विषय पर बात करते हुए पाकिस्तानी नागरिक कहते हैं कि इस बार कुछ कहा नहीं जा सकता पर नवाज शरीफ की पार्टी का अभी जोर है। क्रिकेट से सियासत में आए इमरान खान की पार्टी तहरीक ए इंसाफ में भी लोग अब भरोसा करने लगे हैं। उनकी पार्टी में पढ़े-लिखे व बुद्धिजीवी लोगों की बड़ी तादाद है। इस बार तहरीक ए इंसाफ भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। बिलावल भुट्टो व हिना रब्बानी खार के रिश्तों की बात आने पर पाकिस्तानी नागरिक कुछ नहीं कहते पर उनकी मुस्कान सब कुछ बयान कर जाती है। बहरहाल, पाकिस्तानियों से मिलने व उनसे बात करने पर यह स्पष्ट होता है कि वे भी दोनों देशों के बीच दोस्ती व अमन के पक्षधर हैं। उनकी इच्छा है कि भारत की ही तरह पाकिस्तान में भी लोकतंत्र कायम हो और अमन का वातावरण बने। जिस तरह भारत में अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं उसी तरह पाकिस्तान के भी हिन्दू अल्पसंख्यकों को सुरक्षा व विकास का वातावरण मिले।
स्पष्टीकरण / जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें
कार्यालय फ़ोन
: 91-120-3025800/01/02/03
मोबाइल फ़ोन: +91-9313437447
अथवा ई-मेल करे support@ians.in

Sunday, January 8, 2012

हिंदी हिंद की शान है...

जय हिंद,
 समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!
,
मेरा आप सभी से एक प्रश्न है कि हम अपनी मातृभाषा हिन्दी का प्रयोग न कर किसी अन्य भाषा का प्रयोग क्यों करें  ?
मित्रों, हमें अंग्रेजी बोलने में गर्व का अनुभव होता है जबकि गर्व हमें इस बात पर होना चाहिए कि अंग्रेजी के अधिकांश शब्द हमारी प्रचिनतम भाषा, देववाणी संस्कृत से लिए गये हैं और उससे भी अधिक गर्व हमें इस बात पर होना चाहिए कि दुनिया में बोली जाने वाली लगभग 14,000 बोली, भाषा और विभाषाओँ को व्याकरण के चौदह सुत्र प्रदान करने वाले महान ब्रम्हर्षि पाणनीय "भारतीय" थे...
मेरा आप सभी से निवेदन है -
हिन्दी बोलिए.
हिन्दी लिखिए..

हिन्दी पढ़िए...
  क्योंकि हिन्दी हिन्द की शान है, क्योंकि हिन्दी भारत की पहचान है, क्योँकि हिन्दी मात्र एक भाषा नहीं है वरन हिन्दी हमारी मातृभाषा है।
जय भारत, जय अभियान भारतीय...!!

Friday, October 7, 2011

दुरी बस कुछ दिनों की...


जय हिंद, 
समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर प्रणाम, आदाब, सतश्री अकाल !!
सर्वप्रथम देरी से माफ़ी के साथ नवरात्री विजयादशमी की बधाई स्वीकार करें, तथा दीपावली की अग्रीम बधाई भी स्वीकार करें |
किंचित व्यस्तता के चलते आजकल ब्लॉग एवं ऑरकुट से थोड़ी दुरी सी बन गयी है पर मै आप सभी आशिर्वादकों, मार्गदर्शकों एवं मित्रों से कभी भी दूर नहीं हो सकता अतः आप मुझे मेरे मोबाईल न. 09301988885 तथा 09993168799 पर कभी भी संपर्क कर सकते हैं |
आशा ही नहीं वरन विशवास है की आपका स्नेह आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन पूर्व की भांति सदैव प्राप्त होता रहेगा | 
कुछ दिनों के लिए अपने गौरव को इज़ाज़त दें...

जय हिंद, जय भारत, जय अभियान भारतीय...!!

Sunday, July 10, 2011

यह कैसा विरोध ??

समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर नमस्कार, आदाब, सतश्री अकाल !!

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का आधार होती है और यही स्वतंत्रता एक अच्छे शासन एवं प्रशासन की नीव भी होती है अतः अभिव्यक्ति का मर्यादित एवं संयमित होना भी बेहद आवश्यक है, वर्तमान समय में भारत में अमर्यादित टिप्पणियों एवं भाषणों का जैसे दौर ही चल पड़ा है और इस आग में घी का काम कर रहे हैं पक्ष विपक्ष द्वारा प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से निर्मित राजनीतिज्ञों के काल्पनिक चित्र जो आजकल चारों ओर चर्चा का विषय बने हुए हैं | देखने में आ रहा है की फेसबुक एवं ऑरकुट जैसे सोशल नेट्वर्किंग साइट्स में नेताओं के फोटोस अपलोड किये जा रहे हैं जो की पुर्णतः काल्पनिक हैं जिन्हें भ्रष्टाचार एवं कुशाशन का विरोध दर्ज करने के उद्देश्य से ही अपलोड किये जा रहे हैं पर ये चित्र इतने अश्लील और अमर्यादित हैं की इन्हें देखकर कोई भी शर्म से लाल हो जाए | विरोध अगर मर्यादित हो, संयमित हो विश्वसनीय हो तभी वह सार्थक होता है अन्यथा उसका प्रतिकूल प्रभाव समाज एवं देश पर पड़ने लगता है आज ऐसा ही कुछ मुझे अपने देश में होता नजर आ रहा है जो घोर आपत्तिजनक है | भारत जैसे देश में जहाँ नारी की पूजा की जाती है वहां किसी भी नारी का अपमान किया जाना कहाँ तक जायज है साथ ही हम उन देशभक्तों का भी अपमान कर रहे हैं जो हमारे लिए दिनरात अनशन कर रहे हैं और जिनपर सच कहने की वजह से लाठियों भांजी जा रही हैं|
            कोई किसी के खिलाफ मर्यादाविहीन बातें कहता है तो दूसरा उससे भी असंयमित  भाषा में जवाब देता है और यह प्रक्रिया निरंतर बनी हुई है कई बात तो ऐसा प्रतीत होता है मानो मर्यादाविहीन बातों की प्रतियोगिता करायी जा रही हो | मेरा उद्देश्य किसी की आलोचना करना या समर्थन करना नहीं वरन भारतीय लोकतंत्र के मर्यादाओं को लगातार तार तार करती राजनीतिज्ञों की बोलियों एवं ऐसे मर्यादाविहीन चित्रों का प्रयोग कर विरोध दर्ज कराने की इस कुप्रथा को पोषित और पल्लवित होने से रोकना है क्योंकी हमारी संस्कार, हमारी संस्कृति और हमारी सभ्यता ही हमारी धरोहर है और अगर हम इस धरोहर की रक्षा नहीं कर सके तो निश्चित ही हमारी स्थिति अकल्पनीय होगी  अतः मै समस्त आत्मीय जनों से अनुरोध करता हूँ की जाने अनजाने में ऐसे मर्यादाविहीन चित्रों का ना प्रयोग करें और न ही इसका समर्थन करें........जय हिंद जय भारत !!

Sunday, June 12, 2011

मनोज भैया को जन्मदिन की बधाई...

समस्त आत्मीय जनों को आपके अपने गौरव शर्मा "भारतीय" की ओर से सादर नमस्कार, आदाब, सतश्री अकाल !!

                       यूँ तो मेरे लिए हर दिन खास होता है पर आज का दिन मेरे लिए और भी खास है, आज मेरे प्रेरणाश्रोत, मेरे मार्गदर्शक आदरणीय मनोज कंदोई जी का जन्मदिवस है | मनोज भैया जिनका आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन हमें हमेशा मिला करता है जिनसे हमें सकारात्मक ऊर्जा और अभूतपूर्व उत्साह की प्राप्ति होती है उन्हें आज के इस अवसर पर मै ढेर सारी बधाई एवं उनके स्वस्थ, दीर्घायु जीवन एवं उज्जवल भविष्य के लिए अशेष शुभकामनायें प्रेषित करता हूँ | वर्तमान में मनोज भैया रायपुर नगर के सर्वाधिक प्रतिष्ठित स्वामी विवेकानंद वार्ड के पार्षद एवं राजस्व विभाग नगर निगम रायपुर के अध्यक्ष हैं, आदरणीय मनोज भैया ने आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक क्षेत्रों में अपने सरल व्यवहार एवं कुशल नेतृत्व क्षमता के चलते जो लोकप्रियता हासिल की है वह वाकई काबिलेतारीफ है, विरोधी भी जिनके गुणों के कायल हैं ऐसे आदरणीय मनोज भैया अपने जादुई व्यकतित्व के चलते ही नगर के लोकप्रिय एवं प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों की गिनती में अग्र पंक्ति में गिने जाते हैं |
                         वर्तमान समय में जब राजनीती और राजनीतिज्ञों पर न जाने कैसे कैसे सवाल उठ रहे हैं ऐसे समय में आदरणीय मनोज भैया ने अपने स्वच्छ छवि के माध्यम से यह साबित किया है की प्रत्येक राजनीतिज्ञ एक जैसा नहीं होता और आज भी राजनीती में स्वच्छ छवि के कर्मठ व्यक्ति मौजूद हैं जिनमे अपने नगर, अपने प्रदेश और अपने देश के लिए कार्य करने का जज्बा है | आडम्बर से कोशों दूर रहने वाले आदरणीय मनोज भैया सदैव सादगी और संजीदगी से अपना जीवन व्यतीत करते हैं, विपरीत परिस्थितयों का धैर्य के साथ सामना करने का स्वभाव वाकई उन्हें दूसरों से अलग करता है | जनता के दुःख दर्द और उनके परेशानियों को हल करने के लिए आदरणीय मनोज भैया सदैव तत्पर रहते हैं और मैंने शायद ही कभी ऐसा देखा हो की कोई भी व्यक्ति जो अपने किसी काम के लिए उनके पास गया हो और निराश होकर लौटा हो  वे हमेशा आम जनता की हरसंभव मदद के लिए तैयार रहते हैं | वर्तमान में जब राजनीती में अच्छे लोगों की कमी महसूस की जाने लगी हैं ऐसे समय में उदार ह्रदय के सरल और सुलभ राजनीतिज्ञ का होना वाकई सुखद है | 
मै पुनः इश्वर से कामना करता हूँ की आदरणीय भैया मनोज कंदोई जी को स्वस्थ, दीर्घायु जीवन एवं उज्जवल भविष्य प्रदान करें एवं आदरणीय मनोज भैया को यह विश्वास दिलाता हूँ की हर कदम पर हम आपके साथ हैं पुनः जन्मदिन की ढेर सारी बधाई एवं अशेष शुभकामनायें ..... 
बार बार दिन ये आये 
बार बार दिल ये गाये 
आप जियो हजारों साल ये मेरी है आरजू ...